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खुलासा : मध्यप्रदेश में 7 बड़े डेंटल कॉलेजों के 114 मे से 80 छात्र निकले फर्जी

लखनऊ। मध्यप्रदेश के अंदर व्यापम स्कैम के सामने आने के बाद भी मेडिकल कॉलेजों के प्रवेश में फर्जीवाड़ा रूका नहीं है. मध्यप्रदेश मेडिकल सांइस यूनिवर्सिटी की हाईपावर कमेटी ने मध्य प्रदेश मेडिकल ऑफ डेंटल सर्जरी 2016-17 कोर्स के 114 मे से 80 नामांकन निरस्त कर दिए गए हैं.

उज्जैन में तीन सदस्यों की टीम की आज अहम बैठक विक्रम विश्वविद्यालय में हुई. इसमें मध्य प्रदेश के 8 कॉलेजों में वर्ष 2016 और 2017 में हुए गलत तरीके से मेडिकल ऑफ डेंटल सर्जरी कोर्स में 114 छात्र-छात्राओं के एडमिशन की जांच की गई. इसके बाद 80 छात्र-छात्राओं के एडमिशन गलत तरीके से होना पाया गया. कमेटी इन 80 छात्र-छात्राओं की एडमिशन निरस्त करने की अनुशंसा रिपोर्ट जबलपुर विश्वविद्यालय को सौंपेगी.

मध्य प्रदेश के 8 कॉलेज में मेडिकल ऑफ़ डेंटल सर्जरी 2016-17 में गलत तरीके से एडमिशन देने को लेकर इंदौर के डॉ आनंद राय ने आपत्ति की थी, जिसके बाद राज भवन और डेंटल काउंसिल ऑफ़ इण्डिया में इस बात की शिकायत की गयी थी.

जबलपुर यूनिवर्सिटी को इस मामले में जांच सौंपी गई थी, जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने उज्जैन विक्रम यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफ़ेसर एसएस पाण्डेय की अध्यक्षता में भोपाल के बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर पीके वर्मा सहित कार्य परिषद के सदस्य चंद्रेश शुक्ला ने आज बैठक रखी थी, जिसमें अलग-अलग विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने और दस्तावेज दिखाने को कहा गया था कि आखिर किस आधार पर 114 छात्रों को एडमिशन दिए गए थे.

आज बैठक में दस्तावेज जांचने के बाद जो तथ्य सामने आए उसमें 20 विद्यार्थियों को डीएमई से 14 विद्यार्थियों को एनआरआई कोटे से एडमिशन मिले थे. बचे 80 विद्यार्थियों के एडमिशन कमिटी ने निरस्त कर दिए.

इन कॉलेजों में एडमिशन निरस्त

मानसरोवर डेंटल कॉलेज, भोपाल 11 रिषिराज डेंटल कॉलेज , भोपाल 8 कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेस राऊ,इंदौर 9 हितकारिणी डेंटल कॉलेज , जबलपुर 15 महाराणा प्रताप कॉलेज, ग्वालियर 11 मार्डन डेंटल कॉलेज , इंदौर 13 अरविंदों डेंटल कॉलेज, इंदौर 13

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